साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें। तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले https://glennp764wfn4.wikilinksnews.com/user